WISDOM-THINK BEFORE ACTING AND DO NOT BE IMPULSIVE
सहसा विदधित न क्रियाविवेक , परमा पदापदम
वृणते हि वि मूश्य कारिणं गुणलब्दाधा स्वमेव सम्पदा
————
कोई पं कार्य पुरो विचार विना सहसा एकदम उतावर न करवी , कारण के अविवेक अटल अविचारिपन ऐ आपति नु कारण चे . जे विवेक थी विचार करीने काम करे चे तेने ज सम्पति वरे छे
( THE ABOVE VERSION IS JUST TO CONVEY THE MEANING- THERE ARE ERRORS IN TEXT ON ACCOUNT OF BEING NON FAMILIARITY)
RELEVANT ARTICLE IN GUJARAT SAMACHAR
http://www.gujaratsamachar.com/gsa/20060202/guj/supplement/d3.html